
नमस्कार दोस्तों,
Grow More Digital Services के इस महत्वपूर्ण ब्लॉग में आपका हार्दिक स्वागत है। आज हम एक ऐसे सवाल पर गहराई से चर्चा करने जा रहे हैं जो पिछले डेढ़ साल से लाखों निवेशकों के मन में चल रहा है।
Share bazaar अपने Life-Time High के स्तर पर पहुँचने के बावजूद भी Investors का Portfolio पिछले 1.5 साल से नुकसान में क्यों है?
इस लेख में हम समझेंगे कि इंडेक्स के ऊँचाई पर होने के बावजूद कई शेयर क्यों नहीं बढ़ रहे है निवेशकों को किन छिपे हुए जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे समय में निवेश करते वक्त कौन-सी रणनीतियाँ अपनाना ज़रूरी हो जाती हैं।अगर आप भी मार्केट की चाल से उलझन में हैं और सही दिशा चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
दोस्तों बात को समझो यह Bull Market नहीं Selective Market है:
दोस्तों सबसे पहले यह बात समझनी ज़रूरी है कि यह कोई traditional bull market नहीं है जहाँ हर stock ऊपर जा रहा हो। आज का market selective है मतलब कुछ ही चुनिंदा stocks चल रहे हैं और वही index को ऊपर खींच रहे हैं। बाहर से देखने पर लगता है कि market बहुत strong है लेकिन जब अपना portfolio देखते हैं तो सच्चाई कुछ और ही होती है। ज़्यादातर stocks या तो sideways चल रहे हैं या फिर कमज़ोर हैं। ऐसे में investor को लगता है कि शायद उसने गलत stocks चुन लिए या उसकी strategy ही गलत है जबकि असल दिक्कत strategy में नहीं बल्कि market की structure में है जहाँ सबको नहीं, सिर्फ कुछ को ही मौका मिल रहा है।
2024 Election से पहले PSU Stocks में ऐसा क्या हुआ कि Investor बुरी तरह फँस गया?
सीधी भाषा में समझो Investor इसलिए फँसा क्योंकि 2024 election से पहले PSU stocks के चारों तरफ़ एक perfect कहानी बना दी गई थी। माहौल ऐसा बनाया गया कि लगा जैसे सरकार दोबारा आने वाली है capex बढ़ेगा railways–defence–renewable सब उड़ेंगे और जो अभी नहीं खरीदेगा वो मौका हमेशा के लिए खो देगा। यही narrative इतना ज़ोरदार था कि 20 रुपये का railway stock 400–600 तक और 40–50 रुपये के renewable energy stocks 400–500 तक पहुँच गए। उस समय किसी ने ये नहीं पूछा कि company की earning क्या है valuation क्या है या future में इतना growth realistically possible भी है या नहीं। सब कुछ story, theme और election trade पर चल रहा था।
असल में ये एक classic late-stage hype phase था जहाँ smart money पहले से entry लेकर धीरे-धीरे निकल रही थी और retail investor excitement में entry कर रहा था। Election से पहले PSU में जो उछाल आया वो पूरी तरह sustainable growth नहीं था बल्कि expectation-driven rally थी। Market ने future की 4–5 साल की अच्छी खबरें पहले ही price में जोड़ दीं। Election के बाद जैसे ही uncertainty आई और results reality से टकराए market ने वो extra valuation निकालनी शुरू कर दी। यहीं retail investor फँस गया क्योंकि उसने stock नहीं कहानी खरीदी थी।
High Price पर फँसे PSU Investors अब क्या करें?
2024 के election rally के दौरान जिन PSU stocks में सबसे ज़्यादा जोश दिखा वही आज investors के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। Railway और renewable energy से जुड़े stocks जैसे IRFC, RVNL, IREDA और BEML में बड़ी संख्या में Retail Investors ऊँचे भाव पर entry करके आज फँसे हैं। ये तो बस वे चुनिंदा नाम हैं जहाँ उस समय सबसे ज़्यादा बवाल बना था इसलिए इन्हें हम उदाहरण के तौर पर लेख में शामिल कर रहे हैं। हकीकत यह भी है कि ऐसे कई और stocks हैं जिनका यहाँ नाम नहीं लिया गया लेकिन पिछले डेढ़ साल से investors ने एक रुपया तक नहीं कमाया है यह बात कड़वी ज़रूर है लेकिन पूरी तरह सच है। इन stocks में तेज़ी Earnings की रफ्तार से नहीं बल्कि election narrative, government capex story और PSU golden period जैसी उम्मीदों से आई थी। जब prices बहुत तेज़ भाग जाते हैं और valuations future की कई सालों की growth पहले ही discount कर लेती हैं तब उसके बाद stock का लंबे समय तक ठहर जाना या correction में जाना बिल्कुल normal होता है। दिक्कत यहाँ investor की psychology से शुरू होती है क्योंकि entry excitement में होती है लेकिन exit का कोई clear plan नहीं होता।
दोस्तों अब ऐसे Investors के लिए सबसे बड़ी गलती यह होगी कि वे हर छोटी recovery को बस अब निकल जाए या हर गिरावट को और खरीद लें की नज़र से देखें सही approach यह है कि पहले यह स्वीकार किया जाए कि ये PSU stocks short-term wealth creation के लिए नहीं बल्कि cycle-based और policy-driven होते हैं। अगर company का core business intact है order book मजबूत है और balance sheet में कोई बड़ा stress नहीं दिखता तो जल्द recovery की उम्मीद छोड़कर time देना ही एक practical decision होता है। वहीं अगर stock सिर्फ narrative पर भागा था और earnings अब भी उस valuation को justify नहीं करतीं तो partial exit करके capital को धीरे-धीरे quality leaders या diversified areas में shift करना ज़्यादा समझदारी है। Bottom line यही है कि PSU stocks में फँसे investors को अब भावनाओं से नहीं बल्कि market structure और cycle को समझकर फैसला लेना होगा क्योंकि यहाँ recovery calendar से नहीं cycle से आती है।
निष्कर्ष:
दोस्तों इसे सीधा Trap कहना गलत होगा लेकिन ये ज़रूर कहना पड़ेगा कि जो late आता है वही ज़्यादा दर्द झेलता है Retail Investor Wrong Time पर Wrong Expectations के साथ घुसा PSU Stocks Inherently बुरे नहीं है लेकिन जब 20 रुपये का stock बिना earnings के 400 पहुँच जाए तो वहाँ risk नहीं खतरा होता है। Market ने किसी को धोखा नहीं दिया Market ने बस वही किया जो वो हमेशा करता है।
अस्वीकरण:
यह लेख केवल शैक्षणिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। Grow More Digital Services किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या स्टॉक सिफारिश नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। लेखक या प्लेटफॉर्म किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
