IPO Allotment कैसे पाएं? Practical Strategies जो सच में काम करती हैं

नमस्कार दोस्तों,
Grow More Digital Services के इस शानदार और जानकारीपूर्ण ब्लॉग में आपका हार्दिक स्वागत है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि IPO Allotment कैसे पाएं और कौन-सी practical strategies वास्तव में काम करती हैं। अगर आप हर बार IPO में आवेदन करने के बाद भी allotment न मिलने से परेशान हैं और सही तरीका जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

आज के समय में शेयर बाज़ार से जुड़ा लगभग हर retail investor एक ही सवाल पूछता है कि IPO allotment कैसे मिले। जब भी कोई अच्छा IPO आता है तो हर तरफ़ यही चर्चा होती है कि IPO आ रहा है और apply कर देना चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि लाखों लोग IPO में आवेदन करते हैं और allotment सिर्फ़ कुछ ही निवेशकों को मिल पाती है। बार-बार Not Allotted देखने के बाद ज़्यादातर लोग या तो निराश हो जाते हैं या मान लेते हैं कि IPO सिर्फ़ बड़े investors के लिए होता है।

यह लेख इसी भ्रम को तोड़ने के लिए लिखा गया है। यहाँ हम समझेंगे कि IPO allotment का सिस्टम कैसे काम करता है। निवेशक आमतौर पर कौन-सी गलतियाँ करते हैं। और कौन-सी ऐसी practical strategies हैं जिनसे allotment मिलने की संभावना वास्तव में बढ़ सकती है।

IPO Allotment होता कैसे है:

जब कोई कंपनी IPO लेकर आती है तो उसके shares अलग-अलग categories में बाँटे जाते हैं। इनमें Retail Investors HNI या NII और QIB यानी बड़ी institutional investors शामिल होते हैं। आम निवेशक retail category में आवेदन करते हैं।

अगर IPO ज़्यादा popular हो जाता है और retail category में आवेदन उपलब्ध shares से कई गुना ज़्यादा हो जाते हैं तो allotment lottery system के ज़रिए की जाती है। इस system में computer randomly applications select करता है और allotment तय होती है। यहाँ सबसे ज़रूरी बात यह है कि एक PAN card को केवल एक ही valid entry माना जाता है। यहीं से IPO allotment की असली रणनीति शुरू होती है।

IPO Allotment सिर्फ़ किस्मत नहीं Strategy भी है:

अक्सर यह माना जाता है कि IPO allotment पूरी तरह luck पर निर्भर होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि luck के साथ सही strategy जुड़ जाए तो allotment मिलने की संभावना काफ़ी बेहतर हो जाती है। जो निवेशक सिर्फ़ apply करके भूल जाते हैं और जो निवेशक system को समझकर apply करते हैं दोनों के results अलग होते हैं।

IPO Allotment पाने की Practical Strategies:

Multiple PAN Strategy सबसे अहम

सबसे बड़ी गलती जो ज़्यादातर investors करते हैं वह यह है कि वे एक ही demat account से कई lots के लिए apply कर देते हैं। जबकि नियम बिल्कुल साफ़ है कि एक PAN card से केवल एक ही application valid मानी जाती है। चाहे आप एक lot लें या दस lot lottery में आपकी entry एक ही बार गिनी जाती है।

समझदार निवेशक परिवार के अलग-अलग सदस्यों के demat accounts से एक-एक lot apply करते हैं जैसे माता पिता भाई या बहन। इससे lottery में entries बढ़ जाती हैं और allotment की संभावना भी बढ़ती है। ध्यान रहे कि हर PAN अलग होना चाहिए और एक ही PAN से multiple application करने पर direct rejection हो जाता है।

हमेशा Cut-Off Price पर Apply करें:

IPO हमेशा एक price band में आता है। अगर आपने lower price पर bid किया और final issue price upper band पर fix हो गया तो आपकी application reject हो सकती है। इसलिए retail investors के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि apply करते समय हमेशा cut-off price select करें। इससे price related rejection का risk खत्म हो जाता है।

Last Day का इंतज़ार न करें:

यह एक आम गलतफहमी है कि IPO के आख़िरी दिन apply करने से allotment के chances बढ़ जाते हैं। असल में last day पर technical problems ज़्यादा देखने को मिलती हैं जैसे UPI mandate fail होना bank server down होना या application pending रह जाना। बेहतर यही है कि IPO के पहले या दूसरे दिन apply कर दिया जाए और application successful होने की पुष्टि कर ली जाए।

ASBA Process का इस्तेमाल करें:

अगर UPI के ज़रिए बार-बार payment fail होती है तो net banking के माध्यम से ASBA process का उपयोग करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है। ASBA में amount सीधे आपके bank account में block होता है और allotment न मिलने पर अपने-आप unblock हो जाता है। इस process में payment failure की संभावना लगभग नहीं के बराबर होती है।

Shareholder Quota का लाभ उठाएं:

अगर कोई कंपनी IPO ला रही है और उसकी parent company पहले से stock market में listed है तो existing shareholders के लिए अलग quota होता है। इस category में competition retail category से कम होता है। ऐसे IPO में parent company का एक share पहले से holding में रखने से allotment के chances बेहतर हो सकते हैं।

GMP को पूरी तरह Ignore न करें:

Grey Market Premium यह संकेत देता है कि market उस IPO को लेकर कितनी उत्साहित है। आम तौर पर अगर GMP मजबूत होता है तो demand ज़्यादा होती है और IPO को लेकर positive sentiment बनता है। हालांकि GMP कोई guarantee नहीं है लेकिन यह market mood समझने में मदद ज़रूर करता है।

हर IPO में Apply करना सही नहीं:

हर IPO अच्छा नहीं होता। हर जगह apply करने से capital block हो जाता है और focus भी खत्म हो जाता है। समझदार निवेशक वही IPO चुनते हैं जिनका business model मजबूत हो financials साफ़ हों और listing potential समझ में आता हो। quality IPO चुनना allotment से ज़्यादा ज़रूरी है।

निष्कर्ष:

IPO allotment न तो सिर्फ़ किस्मत का खेल है और न ही सिर्फ़ पैसों का। यह सही strategy discipline और system को समझने का खेल है। अगर आप सही IPO चुनते हैं सही तरीके से apply करते हैं और practical planning अपनाते हैं तो “Not Allotted” से “Allotted” तक पहुँचना पूरी तरह संभव है।

अस्वीकरण:

यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह के रूप में न लिया जाए। IPO या शेयर बाज़ार में निवेश करना जोखिम से जुड़ा होता है। किसी भी प्रकार का निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। लेखक या Grow More Digital Services किसी भी लाभ या हानि के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे।

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